Sunday, 10 April 2011

सेक्स का शरीर से क्या रिश्ता?

सदियों से हम ये भरम पाले बैठें हैं कि सेक्स शरीर में है, नदियों जैसे बहाव में है.
दरअसल ऐसा नहीं है. सेक्स हमारे दिमाग में है.
कई बार पलकों के उठने-गिरने से वो बात पैदा होती है जो पुरे कपड़े उतारने पर भी नहीं होती.
ये पूरा मामला दिमाग, फंतासी और कल्पना का है.

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