Wednesday, 1 June 2011

ताजमहल से बड़ा अजूबा


idea के विज्ञापन में अभिषेक कहता है- मेरी बीवी स्टील इन मुठ्ठी |
ad इस बात का प्रचार करती है कि बीवी एक एक उपभोग कि वस्तु है जिसे मुठ्ठी में ही रखना चाहिए | ताकि कोई गैर मर्द इसका उपभोग करके न चला जाये |
आदित्य बिरला के पास दौलत, सोहरत , पॉवर सबकुछ है,फिर भी ये लोग पैसे के लिए इतना गिर सकते हैं तो एक गरीब निहत्थे आम आदमी से नैतिक बनने की उम्मीद कैसे कि जा सकती है?
दरअसल  लगभग सभी प्रसिद्ध लोग अनैतिक काम करके पैसा कमाते हैं,सफल हो जाते है. और फिर यही लोग किताबों में आदर्श की तरह पढाए जाते हैं. पैसे के ढेर पर बैठकर ये लोग हमें कहते हैं पैसा सबकुछ नहीं है, आप आदर्श बनिए | फिर भी कुछ लोग दुनिया भर के कष्टों को सहकर भी  नैतिक बने रहते है| यही भारत की महानता है और ताजमहल से बड़ा अजूबा भी | हम इन साधारण लोगों की पीड़ा को उन गहरे अर्थो में नहीं समझ पाते जिन अर्थों में ये असाधारण हो जाते है |

दरअसल अनैतिकता कोई अपराध नहीं है | हम किसी को नैतिक बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकते और करना भी नहीं चाहिए | पर यदि आपको लगता है कि आपकी माँ एक उपभोग की वस्तु नहीं है तो आप निचे दिए गए नंबर पर जवाब मांग सकते है और अपनी शिकायत लिखवा सकते है |

Idea Nodal Officer, N Sagar- 9990555555
संतुष्टजनक जवाब न मिलाने पर अपना नंबर पोर्ट करावा सकते है- sms PORT to 1901(toll free)


1 comment:

  1. हम इन साधारण लोगों की पीड़ा को उन गहरे अर्थो में नहीं समझ पाते जिन अर्थों में ये असाधारण हो जाते है |

    Bahut Badi baat kah di aapane , salam !

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